Close Menu
IndiaFolks
  • Class 6
    • MCQ Questions Class 6 Science
    • MCQ Questions for Class 6 Social Science
  • Class 7
    • MCQ Questions for Class 7 Science
    • MCQ Questions for Class 7 Social Science
    • MCQ Questions for Class 7 Maths
    • Class 7 Maths Worksheets
  • Class 8
    • NCERT Solutions for Class 8 Maths
    • MCQ Questions Class 8 History
    • MCQ Questions Class 8 Geography
    • MCQ Questions Class 8 Science
  • Class 9
    • MCQ Questions for Class 9 Social Science
    • MCQ Questions for Class 9 Science
    • MCQ Questions for Class 9 Maths
  • Class 10
    • MCQ Questions for Class 10 Geography
    • MCQ Questions for Class 10 History
    • MCQ Questions for Class 10 Political Science
    • Worksheet Class 10 Maths
  • Maths
    • Maths Quiz for Class 4 to 10
    • Calculator
  • About India
  • MAT
    • Mental Ability Test Questions
    • General Knowledge
      • Hindi GK
      • English GK
    • Aptitude Question and Answers
  • English
    • Short Story Writing
IndiaFolks
  • Class 6
    • MCQ Questions Class 6 Science
    • MCQ Questions for Class 6 Social Science
  • Class 7
    • MCQ Questions for Class 7 Science
    • MCQ Questions for Class 7 Social Science
    • MCQ Questions for Class 7 Maths
    • Class 7 Maths Worksheets
  • Class 8
    • NCERT Solutions for Class 8 Maths
    • MCQ Questions Class 8 History
    • MCQ Questions Class 8 Geography
    • MCQ Questions Class 8 Science
  • Class 9
    • MCQ Questions for Class 9 Social Science
    • MCQ Questions for Class 9 Science
    • MCQ Questions for Class 9 Maths
  • Class 10
    • MCQ Questions for Class 10 Geography
    • MCQ Questions for Class 10 History
    • MCQ Questions for Class 10 Political Science
    • Worksheet Class 10 Maths
  • Maths
    • Maths Quiz for Class 4 to 10
    • Calculator
  • About India
  • MAT
    • Mental Ability Test Questions
    • General Knowledge
      • Hindi GK
      • English GK
    • Aptitude Question and Answers
  • English
    • Short Story Writing
IndiaFolks
Home»Hi»Kahaniyan»20 Short Moral Stories in Hindi for Kids (बच्चों की नैतिक कहानियाँ)
Kahaniyan

20 Short Moral Stories in Hindi for Kids (बच्चों की नैतिक कहानियाँ)

18 Mins Read

Short moral stories in Hindi छोटी और आसान कहानियाँ होती हैं, जिनके अंत में एक नैतिक शिक्षा (moral) होती है। ये कहानियाँ बच्चों का मनोरंजन करती हैं और साथ ही उन्हें ईमानदारी, मेहनत, दोस्ती और समझदारी जैसे अच्छे गुण भी सिखाती हैं।
Moral Stories in Hindi for Kids
इस पेज पर हम आपके लिए 20 सबसे लोकप्रिय बच्चों की कहानियाँ लाए हैं, जो पंचतंत्र, ईसप की कथाओं और अकबर-बीरबल के किस्सों से ली गई हैं। हर कहानी सरल हिंदी में लिखी गई है, ताकि बच्चे इसे खुद पढ़ सकें और माता-पिता इसे सोने से पहले सुना सकें। ये कहानियाँ Class 1 से Class 5 तक के छात्रों के लिए हिंदी की पढ़ाई और कहानी लेखन में भी मददगार हैं।

कहानियों की सूची (List of Short Stories in Hindi)

1. प्यासा कौवा
2. खरगोश और कछुआ
3. शेर और चूहा
4. लालची कुत्ता
5. लोमड़ी और अंगूर
6. चींटी और कबूतर
7. ईमानदार लकड़हारा
8. भेड़िया आया
9. सोने का अंडा देने वाली मुर्गी
10. बंदर और मगरमच्छ
11. शेर और चालाक खरगोश
12. दो बिल्लियाँ और बंदर
13. टोपीवाला और बंदर
14. एकता में बल
15. बिल्ली के गले में घंटी
16. बीरबल की खिचड़ी
17. बातूनी कछुआ
18. दो दोस्त और भालू
19. चींटी और टिड्डा
20. नीला सियार

1. प्यासा कौवा (Thirsty Crow Short Story in Hindi)

गर्मी का मौसम था। तेज़ धूप में एक कौवा बहुत देर से उड़ रहा था। उसे बहुत प्यास लगी थी। वह पानी की तलाश में इधर-उधर भटकता रहा, पर कहीं पानी नहीं मिला।

आखिर में उसे एक पेड़ के नीचे एक घड़ा दिखाई दिया। वह खुश होकर नीचे उतरा। लेकिन घड़े में पानी बहुत नीचे था। उसकी चोंच पानी तक नहीं पहुँच पा रही थी।

कौवे ने हिम्मत नहीं हारी। उसने आस-पास देखा तो उसे कुछ छोटे-छोटे कंकड़ दिखाई दिए। उसके मन में एक उपाय आया। वह एक-एक करके कंकड़ उठाकर घड़े में डालने लगा। धीरे-धीरे पानी ऊपर आने लगा।

थोड़ी देर में पानी इतना ऊपर आ गया कि कौवा आराम से पी सके। उसने जी भरकर पानी पिया और खुशी से उड़ गया।

नैतिक शिक्षा: जहाँ चाह, वहाँ राह। (Moral: Where there is a will, there is a way.)

2. खरगोश और कछुआ (Rabbit and Tortoise Moral Story in Hindi)

एक जंगल में एक खरगोश रहता था। उसे अपनी तेज़ दौड़ पर बहुत घमंड था। वह अक्सर धीरे चलने वाले कछुए का मज़ाक उड़ाता था।

एक दिन कछुए ने कहा, “चलो, हम दोनों दौड़ लगाते हैं।” खरगोश ज़ोर से हँसा, पर मान गया। जंगल के सारे जानवर दौड़ देखने आए।

दौड़ शुरू हुई। खरगोश तेज़ी से भागा और बहुत आगे निकल गया। पीछे मुड़कर देखा तो कछुआ कहीं नज़र नहीं आया। उसने सोचा, “थोड़ा आराम कर लेता हूँ।” वह एक पेड़ की छाँव में लेटा और गहरी नींद में सो गया।

कछुआ बिना रुके धीरे-धीरे चलता रहा। वह सोते हुए खरगोश के पास से निकल गया और जीत की रेखा तक पहुँच गया। जब खरगोश की आँख खुली, तब तक कछुआ दौड़ जीत चुका था।

नैतिक शिक्षा: धीरे और लगातार चलने वाला ही जीतता है। (Moral: Slow and steady wins the race.)

3. शेर और चूहा (Lion and Mouse Story in Hindi)

एक दिन जंगल का राजा शेर एक पेड़ के नीचे सो रहा था। तभी एक छोटा चूहा वहाँ आया और खेलते-खेलते शेर के ऊपर चढ़कर उछलने लगा।

शेर की नींद टूट गई। उसने गुस्से में चूहे को अपने पंजे में पकड़ लिया। चूहा डरकर बोला, “महाराज, मुझे माफ़ कर दीजिए। एक दिन मैं भी आपकी मदद करूँगा।” शेर हँस पड़ा, “तुम इतने छोटे होकर मेरी क्या मदद करोगे?” फिर भी उसने चूहे को छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद शेर एक शिकारी के जाल में फँस गया। वह ज़ोर-ज़ोर से दहाड़ने लगा। उसकी आवाज़ सुनकर चूहा दौड़ता हुआ आ गया। उसने अपने तेज़ दाँतों से जाल काट दिया और शेर आज़ाद हो गया। शेर ने चूहे को धन्यवाद दिया और दोनों पक्के दोस्त बन गए।

नैतिक शिक्षा: किसी को भी छोटा समझकर उसका मज़ाक नहीं उड़ाना चाहिए। (Moral: No one is too small to help.)

4. लालची कुत्ता (Greedy Dog Bacchon ki Kahani)

एक कुत्ता दिन भर भूखा घूम रहा था। शाम को उसे एक दुकान के पास एक बड़ी हड्डी मिली। वह बहुत खुश हुआ और हड्डी मुँह में दबाकर घर की ओर चल पड़ा।

रास्ते में एक नदी पड़ती थी, जिस पर लकड़ी का एक छोटा पुल बना था। पुल पार करते समय उसने नीचे पानी में झाँका। उसे पानी में एक और कुत्ता दिखाई दिया, जिसके मुँह में भी हड्डी थी। असल में वह उसकी अपनी परछाई थी।

लालची कुत्ते ने सोचा, “इसकी हड्डी मेरी हड्डी से बड़ी लग रही है। मैं इसे भी छीन लूँगा।” जैसे ही उसने भौंकने के लिए मुँह खोला, उसकी अपनी हड्डी छपाक से नदी में गिर गई और बह गई। बेचारा कुत्ता भूखा ही घर लौट गया।

नैतिक शिक्षा: लालच बुरी बला है। (Moral: Greed makes us lose what we have.)

5. लोमड़ी और अंगूर (Fox and Grapes Small Story in Hindi)

एक दिन एक लोमड़ी जंगल में भोजन ढूँढ रही थी। सुबह से उसने कुछ नहीं खाया था और उसे ज़ोरों की भूख लगी थी।

चलते-चलते वह एक बाग में पहुँची। वहाँ एक बेल पर पके हुए, रसीले अंगूरों के गुच्छे लटक रहे थे। अंगूर देखकर उसके मुँह में पानी आ गया। “वाह! आज तो मज़ा आ जाएगा,” उसने सोचा।

लेकिन अंगूर काफ़ी ऊँचाई पर थे। लोमड़ी ने उछलकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की, पर पकड़ नहीं पाई। उसने फिर कोशिश की, फिर और ऊँचा उछली, पर हर बार नाकाम रही।

आखिरकार वह थककर बैठ गई। फिर अंगूरों की ओर देखकर बोली, “ये अंगूर तो खट्टे हैं। इन्हें कौन खाए!” और मुँह बनाकर वहाँ से चली गई।

नैतिक शिक्षा: जो चीज़ न मिले, उसे बुरा बताना ठीक नहीं है। (Moral: It is easy to dislike what we cannot get.)

6. चींटी और कबूतर (Ant and Dove Hindi Story for Kids)

एक गर्म दिन एक छोटी चींटी पानी पीने नदी के किनारे गई। अचानक उसका पैर फिसला और वह पानी में गिर गई। तेज़ बहाव में वह डूबने लगी और मदद के लिए पुकारने लगी।

पास के पेड़ पर बैठे एक कबूतर ने यह देखा। उसने झट से एक पत्ता तोड़ा और पानी में चींटी के पास गिरा दिया। चींटी पत्ते पर चढ़ गई और किनारे तक पहुँच गई। उसने कबूतर का धन्यवाद किया।

कुछ दिन बाद एक शिकारी जंगल में आया। उसने पेड़ पर बैठे कबूतर पर निशाना साधा। चींटी ने यह देख लिया। वह तुरंत शिकारी के पैर पर चढ़ी और ज़ोर से काट लिया। शिकारी “आह!” कहकर उछल पड़ा और उसका निशाना चूक गया। कबूतर फुर्र से उड़कर सुरक्षित बच गया।

नैतिक शिक्षा: भलाई का बदला भलाई से मिलता है। (Moral: One good turn deserves another.)

7. ईमानदार लकड़हारा (Honest Woodcutter Moral Story in Hindi)

एक गाँव में रामू नाम का एक गरीब लकड़हारा रहता था। वह रोज़ जंगल से लकड़ियाँ काटकर बाज़ार में बेचता था। एक दिन वह नदी के किनारे एक पेड़ काट रहा था। अचानक उसकी कुल्हाड़ी हाथ से छूटकर गहरी नदी में जा गिरी।

रामू उदास होकर रोने लगा, “अब मैं लकड़ियाँ कैसे काटूँगा?” तभी नदी से एक जल देवी प्रकट हुईं। उन्होंने पानी से एक सोने की कुल्हाड़ी निकाली और पूछा, “क्या यह तुम्हारी है?” रामू बोला, “नहीं, यह मेरी नहीं है।”

फिर देवी चाँदी की कुल्हाड़ी लाईं। रामू ने फिर मना कर दिया। आखिर में देवी उसकी पुरानी लोहे की कुल्हाड़ी लाईं। रामू खुशी से बोला, “हाँ, यही मेरी कुल्हाड़ी है!” देवी उसकी ईमानदारी से बहुत खुश हुईं और उन्होंने तीनों कुल्हाड़ियाँ उसे इनाम में दे दीं।

नैतिक शिक्षा: ईमानदारी सबसे अच्छी नीति है। (Moral: Honesty is the best policy.)

8. भेड़िया आया (The Boy Who Cried Wolf Story in Hindi)

एक गाँव में मोहन नाम का एक चरवाहा लड़का था। वह रोज़ अपनी भेड़ों को पहाड़ी पर चराने ले जाता था। दिन भर अकेले बैठे-बैठे वह ऊब जाता था।

एक दिन उसे मज़ाक सूझा। वह ज़ोर से चिल्लाया, “बचाओ! भेड़िया आया! भेड़िया आया!” गाँव वाले लाठियाँ लेकर दौड़े आए, पर वहाँ कोई भेड़िया नहीं था। मोहन ठहाके मारकर हँसने लगा। गाँव वाले नाराज़ होकर लौट गए। कुछ दिन बाद उसने फिर यही शरारत की।

फिर एक शाम सच में एक भेड़िया आ गया। मोहन डर गया और मदद के लिए चिल्लाने लगा। पर इस बार कोई नहीं आया। सबने सोचा कि वह फिर झूठ बोल रहा है। भेड़िये ने भेड़ों पर हमला किया और कई भेड़ों को ले गया। मोहन को अपनी गलती पर बहुत पछतावा हुआ।

नैतिक शिक्षा: झूठ बोलने वाले की सच्ची बात पर भी कोई विश्वास नहीं करता। (Moral: Nobody believes a liar, even when he tells the truth.)

9. सोने का अंडा देने वाली मुर्गी (Golden Egg Kahani in Hindi)

एक किसान और उसकी पत्नी के पास एक अनोखी मुर्गी थी। वह मुर्गी रोज़ एक सोने का अंडा देती थी। किसान रोज़ वह अंडा बाज़ार में बेच देता। कुछ ही समय में वे अमीर हो गए और उन्होंने एक बड़ा घर बनवा लिया।

लेकिन धीरे-धीरे उनके मन में लालच आ गया। एक दिन पत्नी बोली, “रोज़ एक अंडे का इंतज़ार कौन करे? इस मुर्गी के पेट में ज़रूर बहुत सारे सोने के अंडे होंगे।” किसान ने कहा, “ठीक कहती हो। क्यों न सारे अंडे एक साथ निकाल लें?”

उन्होंने मुर्गी का पेट काट दिया। पर अंदर एक भी अंडा नहीं था। अब न मुर्गी बची और न ही रोज़ मिलने वाला सोने का अंडा। दोनों अपने लालच पर पछताते रह गए।

नैतिक शिक्षा: ज़्यादा लालच करने से सब कुछ खो जाता है। (Moral: Too much greed can make you lose everything.)

10. बंदर और मगरमच्छ (Monkey and Crocodile Panchatantra Story in Hindi)

नदी के किनारे जामुन के एक पेड़ पर एक बंदर रहता था। एक दिन एक मगरमच्छ पेड़ के नीचे आया। बंदर ने उसे मीठे जामुन खिलाए। धीरे-धीरे दोनों अच्छे दोस्त बन गए।

मगरमच्छ कुछ जामुन अपनी पत्नी के लिए भी ले जाता था। एक दिन पत्नी बोली, “जो बंदर रोज़ इतने मीठे जामुन खाता है, उसका दिल कितना मीठा होगा! मुझे उसका दिल चाहिए।”

अगले दिन मगरमच्छ बोला, “मित्र, मेरी पत्नी तुमसे मिलना चाहती है। मेरी पीठ पर बैठ जाओ।” नदी के बीच पहुँचकर उसने सच बता दिया। बंदर डर गया, पर उसने समझदारी से काम लिया। वह बोला, “अरे! मेरा दिल तो पेड़ पर रखा है। चलो, वापस चलकर ले आते हैं।” मूर्ख मगरमच्छ उसे किनारे ले आया। बंदर उछलकर पेड़ पर चढ़ गया और अपनी जान बचा ली।

नैतिक शिक्षा: मुसीबत में घबराने की बजाय समझदारी से काम लेना चाहिए। (Moral: Stay calm and think wisely in danger.)

11. शेर और चालाक खरगोश (Lion and Clever Rabbit Panchatantra Ki Kahani)

एक घने जंगल में एक क्रूर शेर रहता था। वह रोज़ बहुत सारे जानवरों का शिकार करता था। सारे जानवर डरे हुए थे। उन्होंने मिलकर शेर से कहा, “महाराज, हम रोज़ खुद एक जानवर आपके पास भेज देंगे।” शेर मान गया।

एक दिन एक छोटे खरगोश की बारी आई। वह बहुत चालाक था। वह जानबूझकर बहुत देर से शेर के पास पहुँचा। शेर गुस्से में दहाड़ा, “इतनी देर क्यों लगी?”

खरगोश बोला, “महाराज, रास्ते में एक दूसरे शेर ने मुझे रोक लिया था। वह कहता है कि इस जंगल का राजा वही है।” शेर आग-बबूला हो गया। “चलो, मुझे दिखाओ वह कहाँ है!” खरगोश उसे एक गहरे कुएँ के पास ले गया। शेर ने कुएँ में झाँका तो उसे अपनी ही परछाई दिखी। उसे लगा कि वही दूसरा शेर है। वह ज़ोर से दहाड़कर कुएँ में कूद गया और फिर कभी बाहर नहीं निकला। सारे जानवर खुशी से रहने लगे।

नैतिक शिक्षा: बुद्धि, बल से बड़ी होती है। (Moral: Wisdom is greater than strength.)

12. दो बिल्लियाँ और बंदर (Two Cats and Monkey Very Short Story in Hindi)

दो बिल्लियाँ आपस में अच्छी सहेलियाँ थीं। एक दिन उन्हें रास्ते में एक रोटी मिली। दोनों उसे पाना चाहती थीं। “यह मेरी है, मैंने पहले देखी,” एक बोली। “नहीं, मैंने पहले देखी,” दूसरी ने कहा। दोनों झगड़ने लगीं।

तभी पेड़ से एक चालाक बंदर उतरा। उसने कहा, “झगड़ो मत, मैं इसे बराबर बाँट देता हूँ।” बिल्लियाँ मान गईं।

बंदर ने रोटी के दो टुकड़े किए। एक टुकड़ा थोड़ा बड़ा था। “अरे, यह बड़ा है,” कहकर उसने उसमें से एक कौर खा लिया। अब दूसरा टुकड़ा बड़ा हो गया, तो उसने उसमें से भी खा लिया। ऐसे करते-करते वह पूरी रोटी खा गया और उछलकर पेड़ पर चढ़ गया। दोनों बिल्लियाँ एक-दूसरे का मुँह देखती रह गईं।

नैतिक शिक्षा: आपस की लड़ाई में हमेशा तीसरे का फायदा होता है। (Moral: When two quarrel, a third one gains.)

13. टोपीवाला और बंदर (Cap Seller and Monkeys Story in Hindi)

एक टोपीवाला गाँव-गाँव जाकर टोपियाँ बेचता था। एक दोपहर वह टोपियों की टोकरी लेकर दूसरे गाँव जा रहा था। धूप बहुत तेज़ थी और वह थक गया था। वह एक बड़े पेड़ की छाँव में बैठा और कुछ ही देर में सो गया।

उस पेड़ पर बहुत सारे बंदर रहते थे। वे चुपके से नीचे आए, टोकरी से सारी टोपियाँ उठाईं और पेड़ पर चढ़ गए।

जब टोपीवाले की नींद खुली, तो टोकरी खाली थी! ऊपर देखा तो सारे बंदर उसकी टोपियाँ पहनकर बैठे थे। उसने गुस्से में हाथ हिलाया, तो बंदरों ने भी हाथ हिलाया। उसने सिर खुजाया, तो बंदरों ने भी सिर खुजाया। तभी उसे एक तरकीब सूझी। उसने अपनी टोपी उतारकर ज़मीन पर फेंक दी। बंदरों ने भी अपनी-अपनी टोपियाँ नीचे फेंक दीं। टोपीवाले ने जल्दी से सारी टोपियाँ समेटीं और खुशी-खुशी चला गया।

नैतिक शिक्षा: मुश्किल समय में दिमाग ठंडा रखकर सोचना चाहिए। (Moral: Think calmly to solve a problem.)

14. एकता में बल (Unity is Strength Moral Story in Hindi)

एक बूढ़े किसान के चार बेटे थे। चारों मेहनती थे, पर आपस में हमेशा लड़ते रहते थे। किसान को उनकी बहुत चिंता रहती थी।

एक दिन उसने चारों बेटों को बुलाया और लकड़ियों का एक गट्ठर मंगवाया। उसने कहा, “इस गट्ठर को तोड़कर दिखाओ।” बड़े बेटे ने पूरी ताकत लगाई, पर गट्ठर नहीं टूटा। बाकी तीनों ने भी कोशिश की, पर कोई सफल नहीं हुआ।

फिर किसान ने गट्ठर खोल दिया और हर बेटे को एक-एक लकड़ी दे दी। “अब इन्हें तोड़ो।” चारों ने आसानी से अपनी लकड़ी तोड़ दी।

किसान मुस्कुराकर बोला, “बेटो, जब तक तुम इस गट्ठर की तरह साथ रहोगे, कोई तुम्हें नहीं हरा सकेगा। अलग रहोगे तो कोई भी तुम्हें तोड़ देगा।” बेटों को बात समझ आ गई और उन्होंने फिर कभी न लड़ने का वादा किया।

नैतिक शिक्षा: एकता में ही बल है। (Moral: Unity is strength.)

15. बिल्ली के गले में घंटी (Belling the Cat Kahani)

एक बड़े घर में बहुत सारे चूहे मज़े से रहते थे। एक दिन घर का मालिक एक मोटी बिल्ली ले आया। बिल्ली रोज़ एक-दो चूहों को पकड़ लेती थी। सारे चूहे डर के मारे परेशान हो गए।

एक रात सब चूहों ने एक सभा बुलाई। सबने अपने-अपने सुझाव दिए, पर कोई उपाय काम का नहीं लगा। तभी एक नौजवान चूहा खड़ा हुआ और बोला, “मेरे पास एक बढ़िया उपाय है। हम बिल्ली के गले में एक घंटी बाँध देंगे। जब वह आएगी, घंटी बजेगी और हम भाग जाएँगे।”

सारे चूहे खुशी से ताली बजाने लगे। तभी कोने में बैठा एक बूढ़ा चूहा धीरे से उठा और बोला, “उपाय तो अच्छा है, पर बिल्ली के गले में घंटी बाँधेगा कौन?” यह सुनकर सभा में सन्नाटा छा गया। किसी ने आगे आने की हिम्मत नहीं की।

नैतिक शिक्षा: उपाय बताना आसान है, पर उन्हें करना कठिन है। (Moral: It is easy to suggest, but hard to do.)

16. बीरबल की खिचड़ी (Akbar Birbal Story in Hindi)

सर्दियों के दिन थे। एक दिन बादशाह अकबर ने घोषणा की, “जो आदमी पूरी रात ठंडे तालाब के पानी में खड़ा रहेगा, उसे इनाम मिलेगा।” एक गरीब आदमी ने यह चुनौती स्वीकार की और पूरी रात ठंडे पानी में खड़ा रहा।

सुबह जब वह इनाम लेने आया, तो अकबर ने पूछा, “तुमने इतनी ठंड कैसे सही?” वह बोला, “हुज़ूर, मैं दूर महल में जल रहे दीये को देखता रहा।” अकबर बोले, “तो तुम्हें उस दीये से गर्मी मिली। तुम्हें इनाम नहीं मिलेगा।”

बीरबल को यह बात ठीक नहीं लगी। अगले दिन वह दरबार में नहीं आया। अकबर उसके घर पहुँचे तो देखा कि बीरबल खिचड़ी पका रहा है, पर हांडी बहुत ऊपर टँगी है और आग बहुत नीचे जल रही है। अकबर हँसे, “ऐसे खिचड़ी कैसे पकेगी?” बीरबल बोला, “जैसे दूर जलते दीये से उस आदमी को गर्मी मिली थी।” अकबर को अपनी गलती समझ आ गई और उन्होंने गरीब आदमी को इनाम दे दिया।

नैतिक शिक्षा: हमेशा सबके साथ न्याय करना चाहिए। (Moral: Always be fair to everyone.)

17. बातूनी कछुआ (Talkative Tortoise Short Kahani in Hindi)

एक तालाब में एक कछुआ रहता था। दो हंस उसके पक्के दोस्त थे। कछुआ बहुत अच्छा था, पर उसे बहुत बोलने की आदत थी।

एक साल बारिश नहीं हुई और तालाब सूखने लगा। हंसों ने कहा, “हम दूर किसी बड़ी झील में जा रहे हैं।” कछुआ बोला, “मैं तो उड़ नहीं सकता। मुझे भी साथ ले चलो।”

हंसों ने एक उपाय निकाला। वे एक लकड़ी को अपनी चोंचों में पकड़ेंगे और कछुआ उसे बीच से अपने मुँह से पकड़ेगा। “पर याद रखना, रास्ते में मुँह बिल्कुल मत खोलना,” हंसों ने समझाया।

तीनों उड़ चले। नीचे गाँव के लोग यह देखकर हँसने लगे, “देखो, हंस कछुए को उड़ा ले जा रहे हैं!” कछुए को गुस्सा आ गया। वह जवाब देने के लिए जैसे ही बोला, लकड़ी उसके मुँह से छूट गई और वह धड़ाम से नीचे झाड़ियों में जा गिरा। उसे बहुत चोट लगी।

नैतिक शिक्षा: बोलने से पहले सोचना चाहिए। (Moral: Think before you speak.)

18. दो दोस्त और भालू (Two Friends and Bear Story in Hindi)

रमेश और सुरेश दो दोस्त थे। एक दिन वे घने जंगल से होकर जा रहे थे। उन्होंने वादा किया, “मुसीबत आई तो हम एक-दूसरे का साथ देंगे।”

अचानक झाड़ियों से एक बड़ा भालू निकल आया। रमेश फुर्ती से पास के पेड़ पर चढ़ गया। उसने सुरेश की ओर मुड़कर भी नहीं देखा। सुरेश को पेड़ पर चढ़ना नहीं आता था। उसने सुना था कि भालू मरे हुए शरीर को नहीं छूता। इसलिए वह ज़मीन पर लेट गया और साँस रोक ली।

भालू उसके पास आया और उसका चेहरा सूँघने लगा। सुरेश बिल्कुल नहीं हिला। थोड़ी देर बाद भालू चला गया। रमेश पेड़ से उतरा और हँसकर पूछा, “भालू तुम्हारे कान में क्या कह रहा था?” सुरेश बोला, “उसने कहा कि जो दोस्त मुसीबत में साथ छोड़ दे, उस पर कभी भरोसा मत करना।” रमेश शर्म से सिर झुकाकर खड़ा रह गया।

नैतिक शिक्षा: सच्चा दोस्त वही है जो मुसीबत में काम आए। (Moral: A friend in need is a friend indeed.)

19. चींटी और टिड्डा (Ant and Grasshopper Moral Story in Hindi)

गर्मियों के दिन थे। एक चींटी सुबह से शाम तक मेहनत करती थी। वह अनाज का एक-एक दाना उठाकर अपने बिल में जमा करती थी।

पास ही एक टिड्डा रहता था। वह दिन भर गाना गाता और नाचता रहता था। वह चींटी का मज़ाक उड़ाता, “इतनी मेहनत क्यों करती हो? आओ, मेरे साथ मस्ती करो!” चींटी बोली, “मैं सर्दियों के लिए खाना जमा कर रही हूँ। तुम्हें भी ऐसा करना चाहिए।” टिड्डे ने उसकी बात हँसी में उड़ा दी।

फिर सर्दियाँ आ गईं। चारों ओर ठंड थी और कहीं खाना नहीं मिलता था। टिड्डा भूख और ठंड से काँपने लगा। वह चींटी के पास गया और खाना माँगा। दयालु चींटी ने उसे थोड़ा खाना दे दिया। टिड्डे ने कहा, “मुझे माफ़ करना। अब से मैं भी मेहनत करूँगा।”

नैतिक शिक्षा: आज की मेहनत कल काम आती है। (Moral: Work hard today to be ready for tomorrow.)

20. नीला सियार (Blue Jackal Panchatantra Story in Hindi)

एक रात एक भूखा सियार खाने की तलाश में गाँव में घुस गया। गाँव के कुत्ते उसे देखकर भौंकने लगे और उसके पीछे दौड़े। जान बचाने के लिए सियार एक धोबी के घर में घुस गया और नील से भरे एक बड़े टब में कूद गया।

जब वह बाहर निकला, तो उसका पूरा शरीर नीला हो चुका था। वह भागकर जंगल लौटा। जंगल के जानवरों ने ऐसा अजीब नीला जानवर पहले कभी नहीं देखा था। वे डर गए।

चालाक सियार ने मौका देखा और बोला, “डरो मत, भगवान ने मुझे तुम्हारा राजा बनाकर भेजा है।” शेर, बाघ, हाथी सब उसकी सेवा करने लगे। वह राजा की तरह रहने लगा।

एक रात दूर कुछ सियार हुआँ-हुआँ करने लगे। नीला सियार खुद को रोक नहीं पाया और वह भी हुआँ-हुआँ करने लगा। सब जानवर सच जान गए और उन्होंने उसे जंगल से भगा दिया।

नैतिक शिक्षा: सच्चाई ज़्यादा दिन तक छिपी नहीं रह सकती। (Moral: The truth cannot stay hidden for long.)

बच्चों को कहानियाँ सुनाने के फायदे (Benefits of Moral Stories for Kids)

भाषा अच्छी होती है: बच्चे नए हिंदी शब्द सीखते हैं और सही वाक्य बनाना सीखते हैं।

अच्छे संस्कार मिलते हैं: ईमानदारी, दया, मेहनत और दोस्ती जैसे गुण कहानियों से आसानी से समझ में आते हैं।

कल्पना शक्ति बढ़ती है: बच्चे कहानी के पात्रों और जगहों की तस्वीरें अपने मन में बनाते हैं।

ध्यान लगाना सीखते हैं: पूरी कहानी सुनने से बच्चों का ध्यान एक जगह टिकना सीखता है।

माता-पिता से रिश्ता मज़बूत होता है: रोज़ सोने से पहले कहानी सुनाने से बच्चे और माता-पिता के बीच प्यार बढ़ता है।

स्कूल के छात्रों के लिए उपयोगी (Useful for Class 1 to 5 Students)

ये कहानियाँ हिंदी की कक्षा और परीक्षा में कहानी लेखन के अभ्यास के लिए बहुत काम आती हैं। किसी भी कहानी को एक बार ध्यान से पढ़ें, फिर किताब बंद करके उसे अपने शब्दों में लिखने की कोशिश करें। अंत में अपनी नैतिक शिक्षा खुद लिखें और ऊपर दी गई नैतिक शिक्षा से मिलाएँ।

अगर आप अंग्रेज़ी में hints और outline से कहानी लिखना सीखना चाहते हैं, तो हमारा यह पेज देखें:

Previous ArticleShort Story Writing for Class 4, 5 and 6
Next Article 20 Short Moral Stories in English for Kids
Amit
  • LinkedIn

Amit holds a BE in Mechanical Engineering and brings a genuine passion for mathematics to IndiaFolks. He creates NCERT-aligned content for students from Classes 4 to 10. He specialises in breaking down tricky concepts into clear, step-by-step solutions, from worksheets and MCQs to aptitude problems. He makes the tough problems easier for Indian students to build confidence and score better in Maths. His goal is simple: turn every student into a problem-solver who actually enjoys the subject.

Leave A Reply Cancel Reply

Recent Posts

20 Short Moral Stories in English for Kids

September 26, 2026

20 Short Moral Stories in Hindi for Kids (बच्चों की नैतिक कहानियाँ)

September 26, 2026

English Short Story Writing with Hints for Class 4

September 26, 2026

Story Writing from Outline for Class 4

September 26, 2026
© 2026 Indiafolks.com

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.